Comet Neowis धूमकेतु न्यूवाईस आसमान में कब दिखेगा Comet C/2020 F3 Comet Neowis News

Comet Neowis: दोस्तों कभी-कभी समय-समय पर कई ऑब्जेक्ट हमारी धरती के बेहद करीब आ जाते हैं उसमें से कई एस्ट्रॉयड होते हैं तो कहीं छोटे पिंड होते हैं तो कई धूमकेतु भी होते हैं और ऐसा ही एक धूमकेतु इस वक्त हमारी धरती के बेहद करीब है!
Neowis Orbit Period And Explore:इस धूमकेतु का नाम न्यूवाईस (Neowis) है दोस्तों आपको बता दे कि इस धूमकेतु को 27 मार्च 2020 में ही खोजा गया है और इसका और विटफील्ड 6766 वर्ष है यानी कि यह 6766 साल में एक बार दिखाई देता है वैज्ञानिकों के अनुसार यह धूमकेतु 3 जुलाई को सूर्य के करीब था!
कब तक दिखाई देगा: वैज्ञानिकों का मानना था  की सूर्य गर्मी से पिघल कर खत्म हो जाएगा क्योंकि यह धूमकेतु बर्फ से बना हुआ है और दोस्तों आपको बता दें कि यह धूमकेतु धरती के करीब आ चुका है 14 जुलाई से 30 जुलाई तक हमारी धरती के करीब रहेगा और हमारी धरती से इसे आप आसमान में देख पाओगे सूर्यास्त के बाद आसमान में 20 मिनट तक इसे आप देख पाओगे जिसके बाद यह धीरे-धीरे नीचे से ऊपर की ओर जाता हुआ नजर आएगा!
कब दिखाई देना बंद होगा: 30 जुलाई के बाद यह धीरे-धीरे दिखना बंद हो जाएगा लेकिन कुछ दिनों तक किसी टेलीस्कोप की सहायता से इसे आप देख पाओगे 23 जुलाई को यह हमारी धरती से बेहद कम दूरी पर स्थित होगा जहां से आपको रात के समय आसमान में बिल्कुल साफ दिखाई देगा

 पुच्छल तारा: इसे आम भाषा में पुच्छल तारा भी कहते हैं आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें की धूमकेतु सूर्य के चारों तरफ लाखों की संख्या में घूमते रहते हैं!

 और उनका ऑर्बिट पीरियड भी हजारों सालों का होता है ऐसे में कई धूमकेतु सूर्य की गर्मी से नष्ट हो जाते हैं तो कभी-कभी कोई त धूमकेतु अपने ऑर्बिट पीरियड की वजह से धरती की तरफ भी आ जाता है जिसे हम आसमान में आसानी से देख पाते हैं धूमकेतु को आम भाषा में पुच्छल तारा भी कहते हैं 
देखने के लिए  पूरी दुनिया  उत्सुक है: दोस्तों इस धूमकेतु को देखने के लिए आप कितने एक्साइटेड हो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और ऐसे ही स्पेस से रिलेटेड न्यूज़ के लिए हमें फॉलो जरूर करें!

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पटेल समाज क्रिकेट प्रतियोगिता बडावली 2020 सभी टीमों का रिजल्ट "बाणाकला" चैंपियन

Asteroid hitting on earth Asteroid impact Asteroid attack on earth 2020

2020 के उल्कापिंड जो हमारी धरती के बेहद करीब से गुजरे और धरती के लिए खतरा बन सकते थे