Dharti ka ant kaise hoga 36 करोड़ साल पहले क्या हुआ था earth and of ozone layer

वैज्ञानिकों के अनुसार अभी तक हमारे ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा उन्नत सभ्यता हमारी धरती पर ही रहती है और वे हम इंसान ही है 
समय-समय पर हमारी धरती पर ऐसी घटनाएं घटी है जिसने धरती पर से जीवन को पूरी तरह से खत्म कर दिया दोस्तों आपको तो पता होगा कि आज से करीब 6 करोड़ साल पहले हमारी धरती पर एक Chakshu नाम का उल्कापिंड गिरा था 
जिसने धरती पर से जीवन को पूरी तरह से खत्म कर दिया था इस उल्का पिंड का व्यास लगभग 12 किलोमीटर था और यह वर्तमान में मौजूद धरती पर मेक्सिको की खाड़ी में गिरा था इस उल्का पिंड ने इतनी तबाही मचाई थी की विशालकाय डायनासोर को जलाकर राख कर दिया था
 इस धरती पर से उनकी प्रजाति को ही मिटा दिया  यह तबाही इतनी भयंकर थी इस घटना के बाद हजारों सालों तक आसमान में धुएं का गुबार बना रहा जिस वजह से सूर्य की रोशनी धरती तक नहीं पहुंच पा रही थी इसलिए  बचा हुआ जीवन भी पूरी तरह से खत्म हो गया  लेकिन दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ऐसा धरती पर पहली बार नहीं  हुआ था
 इससे पहले भी एक ऐसी घटना घटी थी जिसने धरती पर से जीवन को पूरी तरह से मिटा दिया था यह घटना 36 करोड़ साल पहले घटी थी जिसे हम आपको विस्तार में बताते हैं 
दरअसल  वैज्ञानिकों के अनुसार आज से 36 करोड़ साल पहले ओजोन परत में छेद होने की वजह से धरती पर ऐसी तबाही मची थी कि धरती पर से जीवन पेड़ पौधे सब कुछ जलकर खाक हो गया था ओजोन परत नष्ट होने की वजह से सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें सीधी धरती पर गिरी थी जिस वजह से धरती का तापमान बहुत ही ज्यादा बढ़ गया और सब कुछ जलकर खाक हो गया
 (ओजोन परत वायुमंडल में वह परत जो पृथ्वी की एक  सुरक्षा कवच की तरह काम करती है)

हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है जो एक मैग्जीन में छपी थी जिसके अनुसार आज से 36 करोड़ साल पहले ओजोन परत में छेद हुआ था और धरती से जीवन खत्म हुआ था 
दरअसल वैज्ञानिकों को पुरातत्व पत्थरों के अंदर से  कुछ सूक्ष्म पौधे मिले जो कुछ तो अच्छी अवस्था में थे और कुछ जल चुके थे इन पौधों के डीएनए टेस्ट कराया गया जिससे यह सामने आया कि यह पौधे सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण जले हैं रिसर्च के अनुसार यह घटना आज से 36 करोड़ साल पहले घटी थी वैज्ञानिक भी यह जानकर हैरान हो गए कि जो ओजोन परत हमें सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है वही इतना बड़ा हादसा कैसे कर सकती है
 ओजोन परत में छेद होने की वजह से धरती पर गर्मी इतनी बढ़ गई थी कि हर तरफ ज्वालामुखी फटने लगे थे चारों तरफ तबाही का मंजर था और गर्मी इतनी बढ़ चुकी थी की धरती पर से जीवन जलकर खाक हो गया पेड़-पौधे जीव जंतु और पानी सब कुछ सुख गया था 
इस घटना के बाद धरती पर शुरू हुआ हिम युग जिसके कारण धरती धीरे-धीरे ठंडी होने लगी और वातावरण साफ होने लगा और फिर से धरती पर जीवन पनपने लगा 
वैज्ञानिकों की मानें तो अगर इसी तरह फिर से ओजोन परत में छेद होता है तो यह घटना दोबारा दोहराई जाएगी और एक बार फिर से धरती पर से जीवन खत्म  हो जाएगा इसलिए दोस्तों हमें प्रदूषण नहीं फैलाना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने चाहिए ताकि वातावरण साफ रहे और हमारा ओजोन परत पी सुरक्षित रहे जिससे हमारी धरती पर जीवन पर कोई खतरा ना आए।

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