हिंद महासागर के 3000 किलोमीटर ऊपर से गुजरा उल्का पिंड 2020QG Asteroid Passing On Near Earth Tonight 2020

 दोस्तों कभी-कभी दुनिया में ऐसी घटनाएं घट जाती है जिनके बारे में हम इंसानों को नहीं पता होता है और space की दुनिया में कुछ ऐसी ही घटना घटी है जी हां दोस्तों आपको बता दें कि SUV नामक एक उल्का पिंड हिंद महासागर के लगभग 3000 किलोमीटर ऊपर से एक कार के आकार का उल्का पिंड (asteroid) लगभग 12 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हमारी धरती के करीब से होकर गुजरा यह दूरी बहुत ही कम है क्योंकि हम आए दिन न्यूज़ में पढ़ते हैं कि कोई asteroid 5 लाख किलोमीटर दूर से गुजरने वाला है कोई एस्ट्रोराइड 9 लाख किलोमीटर दूर से गुजरने वाला है लेकिन यह एस्टेरॉइड सिर्फ और सिर्फ 3000 किलोमीटर ऊपर से ही गुजरा इसी वजह से इस asteroid का हमारी धरती से टकराने की संभावना बहुत ही ज्यादा थी लेकिन यह किसी कारण वर्ष हमारी धरती के वातावरण में प्रवेश नहीं हो पाया और 12 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यह हिंद महासागर के 3000 किलोमीटर ऊपर से गुजर गया !

1 सितंबर 2020 को एक भयानक एस्टेरॉइड हमारी धरती के बेहद करीब से होकर गुजरने वाला है ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

2020QG Asteroid 

इस उल्कापिंड (Asteroid)  का दूसरा नाम 2020QG है और आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि नासा की JPL (Jet professional laboratory) ने कहा कि अगर यह एस्ट्रॉयड (asteroid) हमारी धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर जाता तो वायुमंडल के घर्षण से धरती तक पहुंचने से पहले ही हवा में जलकर नष्ट हो जाता इस asteroid से हमारी धरती को कोई नुकसान नहीं होता अगर कोई एस्टेरॉइड 90 फीट से ज्यादा बड़ा है और अगर वह हमारी धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर जाता है तो वायुमंडल के घर्षण से उसे उतना नुकसान नहीं होगा कि वह पूरी तरह से हवा में नष्ट हो जाए और धरती तक पहुंचने में कामयाब हो सकता है इसलिए अगर कोई एस्ट्रोराइड (asteroid) 90 फीट से ज्यादा बढ़ा है तो वह हमारी धरती के लिए खतरनाक साबित हो सकता है !

2020QG इस उल्का पिंड की रफ्तार कितनी थी ?

दोस्तों आपको बता दें 2020QG Asteroid 12 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हिंद महासागर के ऊपर से होकर यह गुजरा सुबह 9:30 पर यह 12 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हिंद महासागर के ऊपर लगभग 3000 किलोमीटर ऊपर से गुजरा इस कार की आकार का एस्टेरॉइड अब तक की सबसे कम दूरी से गुजरने वाले स्ट्राइड में शामिल किया गया है !


2020QG Size

दोस्तों वैज्ञानिकों के अनुसार इस एस्ट्रॉयड का आकार लगभग 15 से 20 फीट रिकॉर्ड किया गया है यानी लगभग  इस उल्कापिंड का व्यास 6 मीटर बताया जा रहा है और इसका आकार छोटा होने की वजह से नासा की Jet professional laboratory ने कहा की यह asteroid हमारी धरती के लिए कोई खतरा नहीं है अगर वायुमंडल में प्रवेश कर जाता है तो वायुमंडल के घर्षण से हवा में ही नष्ट हो जाएगा 90 फीट से ज्यादा बड़े एक्स्ट्रा ही हमारी धरती के लिए खतरा बन सकते हैं

 (NASA) नासा का क्या कहना है

दोस्तों ऐसे Asteroid को लेकर नासा का कहना है कि 1 से 3 फीट तक के लगभग 1 अरब से ज्यादा एस्ट्रॉयड हमारे सोलर सिस्टम के एस्ट्रॉयड बेल्ट में मौजूद है और उसमें से कई छोटे-बड़े Asteroid हर साल लगभग 30 से 35 एस्ट्रॉयड हमारी धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं लेकिन यह Asteroid काफी छोटी होने की वजह से इनसे हमारी धरती को कोई नुकसान नहीं होता है और अगर कोई एस्ट्रोराइड 90 फीट से ज्यादा बड़ा होता है तो वह जरूर हमारी धरती के लिए खतरा बन सकता है !

लाखों साल पहले धरती पर विशाल एस्ट्रॉयड गिरने से बने कई किलोमीटर बड़े खड्डे यहां देखें

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