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NASA Big Update Coming Asteroid 2020 Asteroids 2018VP1 and 2011ES4 (NEO)

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 अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले क्या धरती पर तबाही आने वाली है क्या आसमान से एक एस्ट्रॉयड धरती पर गिरने वाला है दोस्तों ऐसे बहुत से आर्टिकल आपको इंटरनेट पर देखने को मिलेंगे जहां पर बड़े-बड़े न्यूज़ वेबसाइट ने भी इस खबर को जगह दी है और और कई यूट्यूब चैनल पर भी इस खबर को पब्लिश किया है तो क्या वाकई में हमारी धरती पर कोई एस्ट्रोराइड गिरने वाला है अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के 1 दिन पहले धरती पर कोई उल्का पिंड गिरने वाला है और धरती पर तबाही आने वाली है इस बात में कितनी सच्चाई है और क्या हकीकत है आइए जानते हैं (NASA) नासा का क्या कहना है नासा के अनुसार 3 नवंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव है और ठीक उसके 1 दिन पहले 2 नवंबर को 2018VP1 नामक एक उल्कापिंड हमारी धरती के बेहद करीब से गुजरने वाला है जिसके धरती से टकराने का खतरा 0.41% है  यह एक अपोलो सैनी का उल्कापिंड है और नासा ने इसे near-earth objects (NEO) की लिस्ट रखा है near Earth object यानी वह ऑब्जेक्ट जो हमारी धरती के बेहद करीब से गुजरने वाले होते हैं जिनसे हमारी धरती को खतरा हो सकता है                2020 में गिरने वाले

1 September 2020 asteroid 2011 es4 coming soon asteroid धरती की तरफ आ रहा है एक बड़ा खतरा

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2011 es4 asteroid 2020 दोस्तों आप तो जानते हैं कि हमारी धरती इस वक्त बहुत ही बुरे दौर से गुजर रही है क्योंकि हमारी धरती पर आए दिन कोई न कोई खतरा मंडरा रहा है ऐसे में 2020 अंतरिक्ष से भी कई खतरे हमारी धरती की तरफ आए कई एस्ट्रॉयड कई कॉमेंट हमारे धरती के करीब से गुजर गए जो अगर ये ऑब्जेक्ट अपनी दिशा में जरा सा भी फेरबदल करते तो हमारी धरती के लिए खतरा बन सकते थे और पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी जैसे वैश्विक खतरे भी मडरा रहे हैं ऐसे में एक बड़ी खबर निकल कर सामने आई है दोस्तों 1 सितंबर को हमारी धरती के बिल्कुल करीब से एक उल्कापिंड गुजरने वाला है इस उल्कापिंड का नाम asteroid 2011 es4 है! 2011 ES4 nasa asteroid 2011 es4 nasa इस एस्ट्राइड पर लगातार अपनी नजरें बनाए हुए हैं नासा ने इस उल्कापिंड को 2 मार्च 2011 को खोजा था और तब NASA के अनुसार यह asteroid 2011 es4 हमारी धरती से लगभग 0.054 AU (8,100,000 km) दूर था नासा के अनुसार इस asteroid 2011 es4

नासा का मंगल मिशन पहली बार 1000 किलो रजनी रोवर और Drone helicopter मंगल पर भेजा

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(NASA) नासा का मंगल मिशन: दोस्तों आप तो जानते हैं पूरी दुनिया और दुनिया की बड़ी बड़ी स्पेस एजेंसी मंगल पर जाने की और मंगल गृह पर जीवन को खोजने की होड़ लगी हुई है ऐसे में इस साल का तीसरा मंगल मिशन कल नासा ने लांच किया यह मंगल मिशन काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मंगल मिशन में एक कार की साइज का रोवर और साथ ही एक  छोटा 2 किलो वजनी (Drone helicopter) हेलीकॉप्टर भी मंगल पर भेजा गया जहां पर यह रोवर वहां के वातावरण और मंगल ग्रह के मौसम का पता लगाऐगा! Drone helicopter aur over कितना वजनी है: यह रोवर 1000 किलोग्राम का वजन है और साथ ही ड्रोन हेलीकॉप्टर का वजन 2 किलोग्राम का है और इस रोवर पर 23 कैमरे और एक ड्रिल मशीन लगी है पहली बार नासा ने किसी रोवर में परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल किया है यह रोवर प्लूटोनियम खुर्जा से चलेगा इसी वजह से यह लगभग 10 सालों तक मंगल ग्रह पर काम कर सकेगा और इसको जरूरी ऊर्जा मिलती रहेंगी! मंगल गृह तक पहुंचने में कितना समय लगेगा: नासा के इस महत्वपूर्ण मिशन को मंगल तक पहुंचने में 7 महीने का समय लगेगा नासा का यह मिशन फरवरी 2021 में पहुंचेगा और मंगल ग्रह पर रोवर और ड्रोन हेलीकॉप्ट

धरती के करीब से गुजरा भयानक एस्टेरॉइड 24 जून उल्का पिंड 2020ND

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धरती के करीब से गुजरा भयानक एस्ट्रॉयड  दोस्तों आप तो जानते हैं कि 24 जुलाई को 2020ND नामक एक asteroid हमारी धरती के करीब से गुजरा नासा ने इस उल्कापिंड को लेकर एक हफ्ते पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी  क्योंकि यह एस्ट्रॉयड हमारी धरती से 150 मिलियन किलोमीटर दूर एस्टॉनोमिकल रेंज के अंदर से गुजरने वाला है पर साथ ही नासा ने इसे NEO की लिस्ट में रखा था NEO की लिस्ट यानी नियर अर्थ ऑब्जेक्ट  का मतलब है वह ऑब्जेक्ट जो हमारी धरती से लगभग 75 मिलियन किलोमीटर दूरी के अंदर से गुजरते हैं 24 जुलाई को यह 2020ND नामक एस्ट्रॉयड हमारी धरती से लगभग 55 मिलियन किलोमीटर दूरी से गुजरा और तब इस उल्कापिंड की रफ्तार थी 48000 किलोमीटर प्रति घंटा थी जो आमतौर से बहुत ज्यादा है वैसे आपको बता दें हर रोज कई एस्ट्रो हमारी धरती की तरफ आते हैं लेकिन वह काफी छोटे होने की वजह  हवा के घर्षण से से हवा में जलकर नष्ट हो जाते हैं  और हमारी धरती तक नहीं पहुंच पाते और बड़े एस्ट्रॉयड कभी कबार ही आते हैं जिन पर नासा जैसी बड़ी बड़ी स्पेस ऑर्गेनाइजेशन हर वक्त नजर रखती है  और हमारी धरती के नियर अर्थ ऑब

Comet Neowise Live धूमकेतु न्यूवाइस Comet Neowise India Time

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Comet Neowise 2020: दोस्तों आज हम आपको Comet Neowise के बारे में बताएंगे यह धूमकेतु 20 दिनों तक हमारी धरती के करीब रहेगा 14 July 2020 से 30 July 2020 तक हमारी धरती के करीब रहेगा और यह बिना किसी यंत्र के बिना किसी टेलिस्कोप के आसमान में आप इसे आराम से देख सकते हैं और आपको यह साफ नजर आएगा 23 जुलाई को यह हमारी धरती के बेहद कम दूरी पर स्थित होगा और इसी वजह से 23 जुलाई को इसे आसमान में बिल्कुल साफ देख पाओगे तो चलिए इस धूमकेतु को विस्तार से जानते हैं! Comet Neowise c/2020 f3:  इस धूमकेतु का दूसरा नाम c/2020 f3 है इसे 27 मार्च 2020 में खोजा गया इस कमेंट का ऑर्बिट पैरेट 6766 साल है यानी कि यह 6766 सालों में एक बार दिखाई देता है इसलिए इसे देखने के लिए पूरी दुनिया काफी उत्सुक है !  भारत में इसे देखने के लिए काफी लोगों को परेशानी हो रही है क्योंकि बरसात के मौसम में आसमान में बादल छाए हुए हैं इसी वजह से आसमान साफ नहीं होने की वजह से इसे देखना बहुत ही मुश्किल हो गया है इसलिए कुछ कुछ जगह पर लोग इसे देखने का दावा कर रहे है लेकिन ज्यादातर लोग इसे देख नहीं पा रहे हैं

Comet Neowis धूमकेतु न्यूवाईस आसमान में कब दिखेगा Comet C/2020 F3 Comet Neowis News

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Comet Neowis: दोस्तों कभी-कभी समय-समय पर कई ऑब्जेक्ट हमारी धरती के बेहद करीब आ जाते हैं उसमें से कई एस्ट्रॉयड होते हैं तो कहीं छोटे पिंड होते हैं तो कई धूमकेतु भी होते हैं और ऐसा ही एक धूमकेतु इस वक्त हमारी धरती के बेहद करीब है! Neowis Orbit Period And Explore:इस धूमकेतु का नाम न्यूवाईस (Neowis) है दोस्तों आपको बता दे कि इस धूमकेतु को 27 मार्च 2020 में ही खोजा गया है और इसका और विटफील्ड 6766 वर्ष है यानी कि यह 6766 साल में एक बार दिखाई देता है वैज्ञानिकों के अनुसार यह धूमकेतु 3 जुलाई को सूर्य के करीब था! कब तक दिखाई देगा: वैज्ञानिकों का मानना था  की सूर्य गर्मी से पिघल कर खत्म हो जाएगा क्योंकि यह धूमकेतु बर्फ से बना हुआ है और दोस्तों आपको बता दें कि यह धूमकेतु धरती के करीब आ चुका है 14 जुलाई से 30 जुलाई तक हमारी धरती के करीब रहेगा और हमारी धरती से इसे आप आसमान में देख पाओगे सूर्यास्त के बाद आसमान में 20 मिनट तक इसे आप देख पाओगे जिसके बाद यह धीरे-धीरे नीचे से ऊपर की ओर जाता हुआ नजर आएगा! कब दिखाई देना बंद होगा: 30 जुलाई के बाद यह धीरे-धीरे

Asteroid hitting on earth Asteroid impact Asteroid attack on earth 2020

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Asteroid hitting on earth : दोस्तों करोड़ों साल पहले हमारे ब्रह्मांड में बिग बैंग ब्लास्ट हुआ था और तब हमारे ब्रह्मांड का निर्माण हुआ और तभी हमारे धरती का भी  जन्म हुआ यानी कि हमारी धरती अस्तित्व में आई ! हमारी धरती के साथ-साथ इस ब्रह्मांड में मौजूद हर एक ग्रह का निर्माण हुआ यह सभी ग्रह धूल, मिट्टी, पानी, पत्थर, हवा, गैस, अग्नि, बर्फ, जैसे कई पदार्थों से मिलकर बने हैं !  क्या उल्कापिंड गतिशील है : लेकिन अरबों सालों से  ब्रह्मांड में मौजूद वो ऑब्जेक्ट अभी भी इस ब्रह्मांड में गतिशील है और वह किसी भी ग्रह का हिस्सा नहीं बनपाए और अपनी निरंतर गति की वजह से वे कभी-कभी किसी भी ग्रह से टकरा जाते हैं जिससे उस ग्रह पर भारी तबाही होती है ! बृहस्पति ग्रह के साथ क्या हुआ था :  2013 में बृहस्पति ग्रह पर ऐसे ही एक एस्ट्रॉयड  का झुंड गिरा था जिसने बृहस्पति ग्रह पर इतनी तबाही मचाई की आज तक तबाही शांत नहीं हुई है  वैज्ञानिकों के अनुसार उन एस्ट्रॉयड का आकार हमारी धरती जितना बड़ा था और इसी वजह से  बृहस्पति ग्रह पर इतनी भयानक तबाही हुई कि उसकी तबाही आज तक शांत नहीं हुई

Comet Neowis 23 July 2020 धूमकेतु C/ 2020 F3 comet neowis news

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Comet Neowis / C/2020F3:दोस्त आप तो जानते हैं कि समय-समय पर कई ऑब्जेक्ट हमारी धरती के करीब से गुजरते हैं और 2020 में भी ऐसे बहुत सारे ऑब्जेक्टर हमारी धरती के करीब से गुजरे और ऐसा ही एक और ऑब्जेक्ट 23 जुलाई को हमारी धरती के करीब से गुजरने वाला है जिसका नाम है Comet Neowis  Comet Neowis Orbit Period:दोस्तों आप बहुत ही लकी हो क्योंकि यह धूमकेतु 6766  साल में एक बार दिखाई देता है और यह 23 जुलाई को हमारे आसमान में दिखाई देगा आप इसे बिना किसी यंत्र के आसानी से देख पाओगे और सबसे बड़ी बात तो यह हमारे भारत में से भी दिखाई देगा ! agar aap bhi space lover Ho To Hame YouTube per Jarur follow Karen Comet Neowis Discovered:दोस्त इस कमेंट को 27 मार्च 2020 में ही खोजा गया है और वैज्ञानिकों के अनुसार इसका ऑर्बिट पैरेट 6766 साल का है मतलब यह 6766 साल में एक बार दिखाई देता है और इसलिए आप बहुत लकी हो कि यह आपको दिखाई देगा अगर आपके पास एक छोटा टेलिस्कोप है तो इसे साफ देख पाओगे aliens par experiment dekhne ke liye Yahan click Karen comet neowis 2020:यह 3 जुलाई

Narendra Modi / नरेंद्र मोदी

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Narendra Modi / नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी एक ऐसा नाम एक ऐसा लोखंडी पुरुष जिसे दुनिया में आने वाले समय में सदियों सदियों तक याद रखा जाएगा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे पावरफुल लोगों की लिस्ट में सबसे ऊपर है भारत का तिरंगा भारत का परचम पूरी दुनिया में लहराया है उसकी वजह है नरेंद्र मोदी  नरेंद्र मोदी 16 से 18 घंटे काम करते हैं सिर्फ अपने देश के लिए और वे अपने वेतन में से अपना खर्चा निकाल कर बाकी बचा हुआ पैसा दान कर देते हैं नरेंद्र मोदी के आने के बाद पूरी दुनिया में भारत का नाम ऊंचा हुआ है  भारत में कई सरकारें आई और चली गई लेकिन कुछ काम ऐसे हैं जो सिर्फ नरेंद्र मोदी ने हीं किए हैं जैसे कश्मीर से धारा 370 हटाना, धारा 35a हटाना, राम मंदिर का मसला सुलझाना, तीन तलाक, जैसे बहुत सारे काम है  जिसे करने की हिम्मत सिर्फ नरेंद्र मोदी जी ने की और उसे पूरा भी किया आज नरेंद्र मोदी पूरी दुनिया में विख्यात हो गए हैं पूरी दुनिया में सबसे लोकप्रिय नेता है पूरी दुनिया इन्हें मानती है और दुनिया के सबसे पावरफुल देश इनका आदर करते हैं   आखिर क्या